देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू होना जरुरी -देवकी नंदन ठाकुर

ग्रेटर नोएडा,18 फरवरी। हमें दूसरे देशों की तरह अपने देश में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करना चाहिए। इस कानून को देश में लागू करने से सभी को समान रूप से अधिकार मिल जाएंगे। यूरोप के कई देशों में समान नागरिकता कानून को लागू किया गया है। इसके बाद उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए क्योंकि देश की पहचान देश की संस्कृति से होती है। आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के विधि विभाग में मंगलवार से दो दिन के लिए विधि विभाग में यूनिफॉर्म सिविल कोड पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार से यूनिफार्म सिविल कोड राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरूआत हो गई।

इस कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरू देवकी नंदन ठाकुर महाराज, राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य कामेश्वर चौपाल, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्चतम न्यायालय, आदिश अग्रवाल, राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्तथान न्यास अतुल कोठारी, सहयोजक भारतीय भाषा अभियान कामेशवर नाथ मिश्रा, सामाजिक कार्यकर्ता सुबोही खान, जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष आर बी शर्मा, ने भाग लिया। इस मौके पर आध्यात्मिक गुरू देवकी नंदन ठाकुर  ने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड को लागू करने के बाद सरकार को जनसंख्या नियंत्रण को लेकर भी कानून लाना चाहिए। दूसरी तरफ कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर रहे राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्तथान न्यास अतुल कोठारी ने समान नागरिकात कानून को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा देश के अंदर इस कानून को लागू करने की सख्त जरूरत है। यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब है देश में हर नागरिक के लिए एक समान कानून का होना, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति से ताल्लुक क्यों न रखता हो। फिलहाल देश में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ हैं। यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने से हर धर्म के लिए एक जैसा कानून आ जाएगा। सिविल कोड को लेकर राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा कि हमारे देश में एक खास धर्म के नोजवानों को उनके धर्म गुरूओं ने इतना दबा रखा है कि वह चाहकर भी समान नागरिकता कानून का समर्थन नहीं कर सकते। देश को श्रेष्ठ बनाने के लिए एक देश, एक कानून बनाना होगा। वहीं आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि समान नागरिकता कानून देश के ज्वलंत मुद्दों में से एक है। सरकार को देश के अंदर इस कानून को पूर्ण रूप से लागू करना चाहिए। इस दौरान सहयोजक भारतीय भाषा अभियान कामेशवर नाथ मिश्रा, सामाजिक कार्यकर्ता सुबोही खान, जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष आर. बी. शर्मा, लॉ विभाग के डॉयरेक्टर डॉ. पंकज द्वेदी, लॉ विभाग के डीन राकेश जोली ने भी समान नागरिकता कानून को लेकर अपने विचार रखे। इस मौके पर प्रशांत मावी, विशेष भारद्वाज, कौशकी रॉय सहित विभाग के कई लोग मौजूद रहे।

 

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